
बूढ़ापहाड़ को बीएसएफ जवानों ने किया उग्रवाद मुक्त,
हजारीबाग के मेरू में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीएसएफ के 59वें स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं दी है। इस दौरान उन्होंने बीएसएफ जवानों की खूब तारीफ की। उन्होंने कहा कि आप दिवाली, होली सरहद पर मानते हो। आप सीम पर होते हैं तभी हम घरों में सुकून से रह पाते हैं। जिस देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं होती है वह देश कभी विकसित नहीं हो सकता। आज मोदी जी के नेतृत्व में देश ने हर क्षेत्र में प्रगति की है। चाहे चांद पर चंद्रयान पहुंचना हो, चाहे जी-20 की बैठक में देश के ध्वज को समस्त विश्व में लहराना हो। चाहे हमारी अर्थव्यवस्था कोई 11वीं नंबर से पांचवें नंबर पर पहुंचना हो. मैं मानता हूं कि सभी सीमाओं को सुरक्षित करने वाले आप इस देश के विकास का मूल हो। बीएसएफ का बहादुर जवान देश की सीमा की सुरक्षा करता है। बीएसएफ का जीवन सीमा की रक्षा के साथ-साथ अनुशासन का भी बहुत बड़ा संदेश है। मैं आज के परेड कमांडर और सभी जवानों को बधाई देता हूं। आज यहां पर वीरता के लिए पदक भी दिए गए। पांच शहीदों को मरणोपरांत पदक दिए गए।
शहीद के परिवारों को मैं कहना चाहता हूं कि आपके परिवार का जो नुकसान हुआ उसकी कोई भरपाई नहीं है लेकिन लेकिन 130 करोड़ की जनता आपके परिवार के बलिदान पर हमेशा गर्व करती है। हमेशा यह इतिहास के पन्नों पर दर्ज रहेगा। बीएसएफ देश की प्रथम रक्षा पंक्ति है। बीएसएफ है तो हमें चैन की नींद आती है। देश के विकास के लिए सीमा को सुरक्षित आप करते हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। जब-जब भी देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार आई सीमा सुरक्षा को हमने प्राथमिकता दी। मोदी जी के नेतृत्व में सुरक्षा विकास और लोकतंत्र की प्रक्रिया तीनों को बढ़ावा दिया गया। सीमा के क्षेत्र में हजार करोड़ की बजट के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की शुरुआत हुई। सीमा वाले क्षेत्र में अनेक कल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत हुई।
मैं झारखंड में आया हूं। कल ही मैं पूरे देश भर के वामपंथी उग्रवाद पर समस्या पर जो लड़ाई चल रही है उसकी समीक्षा मैंने की है। देश की जनता को बताना चाहता हूं वह दिन दूर नहीं कि देश वामपंथी उग्रवाद पूर्ण तरीके से मुक्त हो जाएगा। आज मैं विश्वास से कह रहा हूं कि विगत 10 सालों में भारत सरकार ने जो प्रयास किया है इस कारण हिंसा की घटना में कमी आई है। वामपंथी उग्रवाद सिमटता जा रहा है। हिंसा पर प्रहार करने के लिए सीआरपीएफ, बीएसएफ और आईटीबीपी तीनों तैयार है। हम आने वाले दिनों में वामपंथी के उग्रवाद से देश को मुक्त करने के लिए कटिबद्ध है। ये बीएसएफ का ही प्रयास है कि बुढ़ापाहार को उग्रवाद से मुक्त करने के लिए सफलता मिली है।