
रांची: शून्यकाल शुरू होने के बाद स्पीकर ने बीजेपी के 2 विधायकों को सत्र से निलंबित किया. बता दें, भानु प्रताप शाही और बिरांची नारायण को सत्र से सस्पेंड किया गया है. दोनों के आचरण को देखते हुए स्पीकर ने सत्र के बचे हुए कार्य दिवस के लिए उन्हें निलंबित कर दिया हैं. बीजेपी के सस्पेंड दोनों विधायक को मार्शलों ने टांगकर सदन से बाहर निकाला. इसपर नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने कहा कि प्रदीप यादव ने अपनी बात कही. राज्य सरकार के विफलता को उठाने वाले विषय पर सरकार ने कुछ नहीं कहा. इसके बाद नेता प्रतिपक्ष ने सदन का बहिस्कार करने की घोषणा की जिसके बाद बीजेपी ने सदन से वॉकआउट किया.
इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद प्रदीप यादव ने एक बार फिर से संसद में सांसदों के निलंबन के मामले का जिक्र किया. वहीं निर्दलीय विधायक सरयू राय ने सदन में सूचना के माध्यम से कहा कि सदन आहूत होता है तो सरकार को नीतिगत निर्णयों को सदन में रखना चाहिए. बीते कैबिनेट में जमशेदपुर में इंडस्ट्रियल टाउनशिप का निर्णय हुआ है उसमें प्रावधान सही नहीं हुई है सरकार को सदन में बताना चाहिए. इसमें क्या है. बीजेपी विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने भी जमशेदपुर इंडस्ट्रियल टाउनशिप के मामले में दिए गए कॉल अटेंशन को मंजूर करने की बात कही.
हंगामें के बीच सदन की कार्यवाही को स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने साढ़े 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है. झारखंड विधानसभा के शीत सत्र के तीसरे दिन यानी आज 19 दिसंबर को भी बीजेपी विधायकों ने सदन के बाहर जमकर हंगामा किया. उन्होंने जेटेट परीक्षा जल्द कराने और नियोजन नीति स्पष्ट करने की मांग सरकार से की. वहीं बीजेपी विधायक मनीष जायसवाल ने सदन के बाहर धरना बैठकर सरकार पर पोशाक घोटाला का आरोप लगाया उन्होंने हजारीबाग में घटिया किस्म के पोशाक वितरण का आरोप सरकार पर लगाया.
शीतकालीन सत्र का तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद विधायक प्रदीप यादव ने संसद से सांसदों के निलंबन का मामले को व्यवस्था के माध्यम से उठाया. साथ ही उन्होंने कहा कि ये लोकतंत्र की हत्या है. सदन इस विषय पर निंदा प्रस्ताव पारित करें. बीजेपी विधायक भानु प्रताप शाही ने व्यवस्था के माध्यम से नियोजन नीति स्पष्ट करने की मांग की. कहा कि बेरोजगार युवाओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है. उन्होंने का कि सरकार सदन में इस मामले में जवाब दें. वहीं प्रश्नकाल शुरू होते ही बीजेपी विधायक वेल में पहुंचक नारेबारी करने लगे. इस बीच सत्ता पक्ष के विधायक भी वेल में पहुंचे. इस दौरान स्पीकर रवींद्र नाथ महतो ने की टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रश्न काल को हांगमा काल करवा देता हूं.
इधर, नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने जारी हांगमे के बीच कहा कि जब कल यानी 18 दिसंबर को संसद का मामला नहीं लाने को कहा गया तो आज कैसे सांसदों के निलंबन के खिलाफ निंदा प्रस्ताव की बात आई. विधायक प्रदीप यादव द्वारा निंदा प्रस्ताव की मांग को प्रतिपक्ष नेता अमर बाउरी ने स्पंज करने की मांग की. अमर बाउरी ने राजभवन के समक्ष पूर्व सैनिक पोदना बालमुचू का राजभवन के समक्ष धरना का मामला भी सदन के जरिए सरकार के समक्ष लाया और कहा 1971 की लड़ाई में ये शामिल थे. इस बीच नेता प्रतिपक्ष ने राजभवन के समक्ष अन्य धरना का मामला भी सदन में रखा. हंगामे के बीच विपक्ष के विधायकों ने मुख्यमंत्री से सदन में जवाब देने की मांग की.
ये अपनी बातें कह लेते हैं लेकिन जनता की बातों को आने नहीं देते- मिथिलेश
इधर, नेता प्रतिपक्ष द्वारा सदन में उठाए गए मामले पर संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने पूर्व सैनिक के मामले की जानकारी लेकर उसपर कारवाई की बात कही. वहीं धरना कर्मियों के मामले में संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि इनको लेकर पेपर में कोई प्रावधान नहीं है. इसके बाउजूद सरकार इसपर पहल करने का विचार करेगी. इस मामले के लिए पूर्व की सरकार जिम्मेदार है. इस बीच बीजेपी विधायक फिर से वेल में आ गए. वहीं, सदन की कार्यवाही के दौरान बीजेपी के लगातार हंगामे पर मंत्री मिथिलेश ठाकुन ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ये अपनी बातों को कह लेते हैं लेकिन जनता की बातों को नहीं आने देते हैं. आज के युवा इनके मारे हुए है मंत्री मिथलेश ठाकुर ने संसद के तर्ज पर यहां भी एक्शन लेने की मांग की.
बीजेपी विधायकों के हंगामे के बीच स्पीकर ने सदन की कार्यवाही साढ़े 12 तक स्थगित के लिए स्थगित किया.
झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज (मंगलवार) यानी 19 दिसंबर को तीसरा दिन है. आज राज्य सरकार द्वारा सदन में पेश किए गए दूसरे अनुपूरक बजट पर चर्चा होगी. इसके साथ ही सदन के कार्यवाही में प्रश्नकाल और शून्यकाल के साथ ध्यानाकर्षण प्रस्ताव शामिल हैं. बता दें, 15 दिसंबर से यह शीत सत्र शुरू हुआ है जो 21 दिसंबर तक चलेगी.
सोमवार को विपक्षी विधायकों के हंगामें के बीच पेश हुआ दूसरा अनुपूरक बजट
बता दें, झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र 15 दिसबंर से शुरू हो चुकी है. सदन में सत्र के दौरान विपक्षी विधायक लगातार सरकार के खिलाफ हंगामा करते नजर आ रहे हैं. दूसरे दिन भी विपक्ष ने जमकर हंगामा और शोर किया लेकिन इसी बीच झारखंड सरकार के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार (19 दिसंबर) को चालू वित्तीय वर्ष के लिए 8111 करोड़ का दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया. वहीं सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने सदन परिसर के बाहर और अंदर जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया. विपक्षी विधायकों ने ED के समन के बाद सीएम द्वारा पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय नहीं जाने और उनसे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की. इतना ही नहीं विपक्षी विधायकों ने उनके कार्यकाल की CBI जांच की मांग. साथ ही कांग्रेस सांसद धीरज साहू के मामले को भी फिर से सदन के बाहर अपने प्रदर्शन के दौरान और सदन के अंदर भी उठाया. वहीं सदन के बाहर अपने प्रदर्शन में जेएमएम (झारखंड मुक्ति मोर्चा) ने भी जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया. JMM ने वन अधिकार अधिनियम में संशोधन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया इतना ही नहीं उन्होंने केंद्र सरकार पर पूंजिपतियों को जंगल बेचने का आरोप भी लगाया.
वहीं सदन की कार्यवाही शुरू होने पर बीजेपी ने सांसद धीरज साहू का मामला सदन में उठाना चाहा लेकिन विधानसभा स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने मना करते हुए कहा कि धीरज साहू इस सदन के सदस्य नहीं है. बाघमारा से बीजेपी विधायक ढुल्लू महतो वेल में पहुंचे. उन्होंने राज्य सहित धनबाद जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया. इस दौरान बीजेपी विधायक भी वेल में पहुंचे.
विधायक प्रदीप यादव ने राज्य में जातिगत जनगणना करवाने का उठाया मामला
सदन में शोर-शराबे के बीच प्रश्नकाल शुरू हुआ. इस बीच विधायक प्रदीप यादव ने जातिगत जनगणना राज्य में करवाने का मामला उठाया. इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि इस विषय पर सरकार जल्द निर्णय लेगी. इस बीच नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने जातिगत जनगणना का विषय सदन में उठाने पर आपत्ति जताई. साथ ही उन्होंने कहा कि जब ये कार्य सूची में नहीं है तो यह विषय कैसे उठाया गया. किस अधिकार से ये मामला आया जबकि उनका प्रश्न होमगार्ड का था.
धीरज साहू का पैसा पार्टी का नहीं पारिवारिक कारोबार का- आलमगीर आलम
वहीं सांसद धीरज साहू मामले में नेता प्रतिपक्ष धीरज साहू ने कहा कि 'ये ठीक है कि ये संसद के सदस्य है मगर पैसा तो झारखंड से लूटा गया है. उन्होंने कहा कि सरकार चार साल पूरा करने वाली है सदन को को लंबा करना चाहिए था. राज्य के मुख्यमंत्री ईडी के समन को दरकिनार कर संविधान का अहेलना कर रहे हैं नेता प्रतिपक्ष की बात खत्म होते ही बीजेपी के विधायक फिर से वेल पर पहुंच गए. इधर नेता प्रतिपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि धीरज साहू का पैसा पार्टी का नहीं पारिवारिक कारोबार का है. ईडी ने समन किया सीएम ने जवाब दिया ये मुद्दा यहां कैसे उठ रहा है. स्पीकर ने कहा इस तरह के मुद्दों को विपक्ष नजरअंदाज करें. इसके बाद बीजेपी विधायकों वेल में पहुंचकर नारेबाजी की
सदन की कार्यवाही के बीच एनसीपी विधायक कमलेश सिंह ने पलामू में वज्रपात से मृत व्यक्तियों के आश्रितों तथा मृत पशुओं के मालिकों को मुआवजा का मामला उठाया. इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि एक महीने में मुआवजा का भुगतान कर दिया जाएगा. वहीं इस बीच विपक्ष के विधायक सदन में हंगामा करते रहे इस दौरान स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर साढ़े 12 तक के लिए स्थगित कर दिया था. साढ़े 12 बजे सदन में शून्यकाल शुरू हुई इस बीच भी बीजेपी विधायक वेल में पहुंचे. इसपर स्पीकर ने बीजेपी विधायकों को फटकार लगाई. साथ ही कहा कि आसान को कड़ाई से निर्णय लेने में मजबूर न करें, संसद में क्या हुआ है आपने देखा है न..