राजमहल पहाड़ मामले में एनजीटी का आया आदेश, प्रदुषण बोर्ड ने लगाया एक अरब से अधिक का जुर्माना


डीसी को पर्यावरण बहाली के लिए मिला 6 करोड़, पत्थर कारोबारियों माफियाओं में मचा हड़कंप, अगली सुनवाई तिथि 19 जनवरी 


साहिबगंज: जिले के एतिहासिक राजमहल पहाड़ के संरक्षण व संवर्धन हेतु व जिले में संचालित अवैध खनन, क्रशर,परिवहन व भंडारण पर सम्पूर्ण रूप से रोक लगाने के लिए चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता सह पर्यावरण प्रेमी सैयद अरशद नसर द्वारा एनजीटी इस्टर्न जोन कोलकाता में दायर याचिका संख्या ओए-23/2017 की सुनवाई बेंच के जुडिशियल मेंबर बी.अमित स्थालेकर व एक्सपर्ट मेंबर डा.अरूण कुमार वर्मा ने बीते शुक्रवार को की थी.सुनवाई उपरांत पीठ ने आदेश सुरक्षित रख लिया था.गुरूवार को इस मामले में पीठ का आदेश आया.आदेश आने के साथ ही पत्थर कारोबारियों माफियाओं समेत पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पांव फुलने लगे हैं.झारखंड राज्य प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड ने अपने दाख़िल हलफनामा में कोर्ट को बताया की जिले के पत्थर कारोबारियों पर एक अरब एक करोड़ छब्बीस लाख  पचपन हज़ार चार सौ साठ रुपए का पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जुर्माना लगाया गया है.जिसमें कुल 97 लाख 25 हज़ार 624 रूपए की वसुली हुई है.

120 पत्थर कारोबारियों ने जुर्माना राशि में पुनर्विचार हेतु प्रदुषण बोर्ड में आवेदन दिया है तो ग्यारह पत्थर कारोबारियों ने झारखंड हाईकोर्ट में रिट दायर किया है.प्रदुषण बोर्ड ने कोर्ट को बताया की सभी पत्थर कारोबारियों ने पीटीजेड कैमरा लगा लिया है व 73 सीटोओ रद्द कर दिया गया है.34 एफआईआर दर्ज हुआ है तो 558 वाहन जप्त किया गया है व डीसी कोर्ट ने 9 करोड़ 78 लाख जुर्माना वसूला है.22 क्रशर सील व ध्वस्त किया गया है. प्रदुषण बोर्ड ने कोर्ट को यह भी बताया की सकरगली,महादेवगंज,डेम्बा व मिर्जा चौकी में सीएएक्यूएमएस बोर्ड लगाए गए हैं व जिले के डीसी को पर्यावरण बहाली के लिए 6 करोड़ रुपए मुहैया करा दिया गया है. प्रदुषण बोर्ड ने कोर्ट को यह भी बताया की नंबर माह तक कुल 164 स्टोन क्रशर को व 87 स्टोन माइंस को सीटीओ निर्गत किया गया है.कोर्ट ने प्रदुषण बोर्ड के दाखिल हलफनामा से संतुष्ट नहीं होते हुए प्रदुषण बोर्ड के सदस्य सचिव सचिव को आदेश दिया कि चार सप्ताह के भीतर नया हलफनामा दाखिल करे जिसमें बताये की किन किन पत्थर कारोबारियों पर कितना कितना पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जुर्माना लगाया गया है व किन किन लोगों ने कितना कितना पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जुर्माना राशि जमा किया है.जिन जिन लोगों को सीटीओ निर्गत गया है उन सभी लोगों की सुची व जिन जिन पत्थर कारोबारियों पर अब तक क्या क्या कार्रवाई की गई उसका संपूर्ण  ब्योरा.

कोर्ट ने मुख्य सचिव के हलफनामा को रिकार्ड में रखते हुए याचिकाकर्ता अरशद नसर के विद्वान अधिवक्ता पौशाली बनर्जी व दीपांजन घोष को इसका जवाब चार सप्ताह के भीतर हलफनामा के माध्यम से दाखिल करने का आदेश दिया.कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अधिवक्ता अनामिका पांडे को ईडी की तरफ से जवाबी हलफनामा दाखिल करने का दो सप्ताह का समय दिया.एनजीटी ने इस मामले की अगली सुनवाई तिथि 19 जनवरी निर्धारित की है.एनजीटी के इस आदेश से पत्थर कारोबारियों व पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया है.अब सबकी निगाहें अगली सुनवाई तिथि पर व एनजीटी के इस आदेश से पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उठाए जाने वाले संभावित क़दम पर टिक गई है.

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