
रांची: झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतों को डिजिटल बनाने की योजना को शुरू किया गया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने द्वारा शुरू की गई डिजिटल पंचायत योजना के तहत, चुने गए पंचायतों में 34 सेवाओं को सीएसी के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना में शुल्क का भुगतान भी करना होगा, जिसका निर्धारण जैप आइटी द्वारा किया गया है।
पंचायती राज विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र जारी करके इसकी सूचना दी है। यहां तक कि आवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और पेंशन सुविधाओं के आवेदन के लिए भी शुल्क देना होगा।
इस योजना के तहत 32 सेवाओं जैसे ऑनलाइन ऑडिट, ई-ग्राम स्वराज रिपोर्टिंग, चरित्र प्रमाण पत्र जैसे कार्यों के लिए ग्रामीणों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस योजना को लेकर एलान किया था और बताया था कि इससे पंचायतों का कामकाज डिजिटल होगा। इससे रिकॉर्ड्स ऑनलाइन दर्ज किए जाएंगे जिससे बिचौलियों की भागीदारी खत्म होगी और काम पारदर्शी तरीके से होगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लिए पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, और इस डिजिटल पंचायत योजना से सरकारी योजनाओं को लागू करने में पंचायत सचिवों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसके लिए विभाग ने सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे पंचायत भवन में बैठकर दायित्वों का संचालन सही तरीके से करें। अब ग्रामीणों को कई कार्यों के लिए ब्लॉक कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी।