धनबाद : बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो द्वारा दैनिक अखबार में बयान आने के बाद धनबाद की राजनीति में भुचाल आ गया है. विधायक ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष सिंह और झामुमो केंद्रीय सदस्य अमितेश सहाय पर जो आरोप लगाए हैं, उस पर जिलाध्यक्ष संतोष सिंह ने संज्ञान लेते हुए विधायक ढुल्लू को हाईकोर्ट के वकील के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा हैं.
वहीं झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य अमितेश सहाय ने बाघमारा विधायक ढुल्लू महतो पर मानहानि का मुकदमा करने की बात कही है. सहाय ने ढुल्लू पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि ढुल्लू महतो को अमितेश सहाय से मदद के लिए दरवाजे पर आने के पहले से पता होना चाहिए था कि अमितेश सहाय कौन है.
संतोष सिंह ने कहा कि विधायक ढुल्लू पर रंगदारी, धमकी सहित तीन दर्जन से ज्यादा मुकदमें दर्ज हैं, जिसमें वे जेल भी गए हैं. मेरे उपर अगर कोई मुकदमा है तो विधायक उसे साबित करके दिखाएं. विधायक की करतूतों से पूरे धनबाद की जनता वाकिफ है. जिलाध्यक्ष ने कहा कि मेरे हाथ खून से रंगे हैं अखबार में दिए गए बयान पर विधायक सरेआम माफी मांगे, उन्होंने मेरे मान सम्मान पर उंगली उठाई है. जिसके लिए उन्हें कानूनी नोटिस भेजा गया है. अगर वे अपने बयान पर माफी नहीं मांगते हैं तो उनपर न्यायालय में मानहानि का दावा ठोकूंगा. जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे.
स विज्ञप्ति के माध्यम से अमितेश ने कहा कि किसी से सहयोग ले कर उस पर आक्रमण करना ढुल्लू की फ़ितरत है. पूर्व में ढुल्लू ने स्व समरेश सिंह को दगा दिया एवं बाबूलाल लाल जिसने उसे पहली बार माननीय बनाया उसको रातों रात छोड़ कर भाग गया था. आगे कहा कि किसे नहीं पता कि बेनामी नाम से बरवाअड्डा धनबाद में 50 करोड़ का वाटर पार्क बन रहा है. छद्म नाम से मधुबन कोलियरी में 22 प्रतिशत का साझेदार है. ग़रीब रैयत की जमीन कंपनी को दखल कर आउटसोर्सिंग के नाम कंपनी से वसूली कर राज्य और केंद्र की राशि को लूटने का प्रयास जारी है. यहां तक कि ढुल्लू ने अपने रिश्तेदार की जमीन लूट कर परिवार के जवान बेटी को रणधीर वर्मा चौक पर धरना पर बैठाने का कार्य किया.
मितेश सहाय ने कहा कि अधिकारी से सांठगांठ कर केस करवाना और पैसा कमाना ढुल्लू की फितरत में शामिल हैं. अगर प्रभु श्री राम की मूर्ति छू कर बोले की उनके कार्यालय/ आवास मदद के लिए आये या नहीं तो फिर में सीसीटीवी वाली वीडीओ/ तस्वीर जल्द ही जारी करेंगे. सहाय ने कहा कि बेनामी संपत्ति कैसे कमाई और इस पर उच्च न्यायालय, रांची में वाद लंबित है.
उनके संबंध में जो अनर्गल बातें कही गई है उस संबंध में अमितेश ने कहा कि जब ढुल्लू कुछ नहीं थे, तबसे सहाय आयकर दाता के रूप देश सेवा में अपना कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं. किसी से चारित्रिक प्रमाण की आवश्यकता नहीं है. अंत में कहा कि यह हास्यास्पद और शर्मनाक भी है. एक सजायाफ्ता मुजरिम जिला को चरित्र प्रमाण पत्र का सर्टिफिकेट बांट रहा है.
