जल्द ही रांची में भी होगा होटल ताज, सीएम की मौजूदगी में हुआ MOU


 Ranchi: मुंबई, कोलकाता, दिल्ली जैसे महानगरों के बाद अब राजधानी रांची में भी होटल ताज खुलेगा. रांची स्मार्ट सिटी में होटल ताज के लिए जगह का आबंटन किया गया है. झारखंड मंत्रालय सभागार में बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में नगर विकास एवं आवास विभाग और द टाटा इंटरप्राइजेज की अनुषंगी इकाई द टाटा इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) के बीच ताज होटल निर्माण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुआ. मौके पर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि वह राज्य में एक ऐसी व्यवस्था खड़ी करना चाहते हैं, जहां सभी की भागीदारी से झारखंड को एक नई पहचान मिल सके. सरकार गठन के साथ ही वे आंतरिक संसाधनों का बेहतर से बेहतर सदुपयोग और राज्य की प्रतिभाओं को तराशने के लिए एक-एक कड़ी को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि वे राज्य के विकास को नया आयाम दे सकें.


उन्होंने कहा कि इसके लिए लंबे समय से प्रयास जारी था, जो अब साकार हो रहा है. यह दिन काफी ऐतिहासिक और सुखद अनुभव देने वाला है. इस सुखद अनुभव में और भी इजाफा उस वक्त होगा जब ताज होटल राज्यवासियों को समर्पित किया जाएगा. ताज होटल स्थापित होने से पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेगा, जिससे झारखंड को वैश्विक पहचान भी मिलेगी.

मौके पर नगर विकास एवं आवास मंत्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव एल खियांग्ते, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव अरवा राजकमल, टाटा स्टील के सीईओ वएमडी टीवी नरेंद्रन, आईएचसीएल के सीनियर वाईस प्रेसिडेंट ( ऑपरेशंस ) के मोहन चंद्रन, वाइस प्रेसीडेंट (डेवलपमेंट) अनिका गुप्ता और वाईस प्रेसिडेंट कॉरपोरेट अफेयर्स, टाटा स्टील चाणक्य चौधरी मौजूद थे.


टाटा समूह के साथ झारखंड का रिश्ता काफी पुराना है

मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा समूह के साथ झारखंड का रिश्ता काफी पुराना है. इस रिश्ते के 100 वर्ष से ज्यादा हो चुके हैं. टाटा समूह औद्योगिक और अन्य माध्यमों से झारखंड के विकास में अहम रोल निभाता आ रहा है. इस रिश्ते को हम और भी मजबूत कर सकते हैं, जब हम राज्य के लोगों के साथ भी रिश्ते को और मजबूत कर सकें.उन्होंने कहा कि मैं वर्षों पुराने इस रिश्ते को लेकर टाटा समूह से पूरे अधिकार से कह सकता हूं कि वह राज्य की जनता के हितों को प्राथमिकता दे.. टाटा समूह भी इस बात से भली- भांति वाकिफ है और वह इसमें पूरा सहयोग करेगा.


राज्य सरकार कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार

मुख्यमंत्री ने कहा कि टाटा समूह की कई इकाईयां यहां वर्षों से स्थापित हैं. इन इकाइयों और प्रतिष्ठानों में लाखों लोगों को रोजगार मिला हुआ है. यह समूह यहां कई और उद्यम स्थापित करने के लिए आगे आ रहा है. ऐसे में राज्य सरकार इस समूह के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है. हम सभी की भागीदारी से झारखंड को अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने में कामयाब होंगे.


देश को आगे बढ़ाने में झारखंड का अहम योगदान

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह का योगदान देश को आगे बढ़ाने में टाटा का है, उसी तरह झारखंड के बिना भी देश आगे नहीं बढ़ सकता है. झारखंड अगर अपने हाथ रोक ले तो देश की अर्थव्यवस्था पर इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है. लेकिन हमारी सरकार सभी के साथ देश को आगे ले जाने की सोच रखती है और इसमें यह राज्य पूरा योगदान दे रही है.


सिर्फ खनिज ही नहीं, अन्य संसाधनों से भी धनी है झारखंड

मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि झारखंड को खनिज संसाधनों के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है, लेकिन यहां खनिज के अलावा भी अन्य कई संसाधन हैं, जो इस राज्य को आगे ले जाने के लिए काफी हैं. लेकिन, शायद नीतियां ऐसी नहीं बनीं जो इन संसाधनों के जरिए झारखंड में विकास को गति दे सकें. इस बात का हमें शुरू से अफसोस रहा है, लेकिन अब सरकार इससे आगे बढ़कर राज्य को नई दिशा देने के लिए पूरी ताकत के साथ काम कर रही है और उसके उत्साहवर्धक परिणाम देखने को भी मिल रहे हैं.


नीतियां अच्छी हों तो रोजगार के लिए पलायन की जरूरत नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार के लिए झारखंड से बड़ी संख्या में लोग दूसरी जगह पालायन करते हैं. अगर कोई बेहतर रोजगार और बेहतर जीवन के लिए बाहर जाता है, तो इसमें कोई बुराई नहीं है. लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि अगर इस राज्य में रोजगार से संबंधित नीतियों को बेहतर तरीके से बनाकर अमल में लाया जाए, तो यहां से युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. हमारी सरकार अपने ही राज्य में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है.


दूसरे राज्यों और देश की बेहतर चीजों को अपनाना चाहिए

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अक्सर सरकारी कार्यक्रमों और निजी वजहों से भी अन्य राज्यों का भ्रमण करता रहता हूं. वहां कई कार्यक्रमों और गतिविधियों में भी शामिल होता हूं. वहां काफी कुछ जानने- समझने का मौका मिलता है. मेरा मानना है कि दूसरों की अगर अच्छी चीज हमारी व्यवस्था के लिए बेहतर होगी, तो उसे जरूर ग्रहण करना चाहिए. इससे राज्य और राज्यवासियों बेहतर व्यवस्था देने और आगे ले जाने का राह रास्ता आसान होगा.

Post a Comment

Previous Post Next Post
Responsive Advertisement
Responsive Advertisement
Responsive Advertisement

Contact Form