रांची : राज्यवासियों के लिए एक अच्छी खबर है। झारखंड में प्लाज्मा–प्लेटलेट के लिए मरीजों के परिजनों में अब भागदौड़ नहीं करनी होगी। अगले साल के राज्य के हर जिले में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन की सुविधा मिलने लगेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष यानि की मार्च 2024 तक सभी जिलों को ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन की सुविधा मिलने लगेगी। इसके लिए सरकार द्वारा 13.86 करोड़ रुपए की स्वीकृत किए जा चुके है।
21 जिलों में बनाई जाएगी नई यूनिट
बता दें कि फिलहाल राज्य के तीन जिले में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन की सुविधा उपलब्ध है। इसमें रिम्स और सदर अस्पताल रांची, पीएमसीएल धनबाद और एमजीएम जमशेदपुर के नाम शामिल हैं। वहीं ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन की सुविधा के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत 13.86 करोड़ रुपए में बाकि के 21 जिलों में इसकी यूनिट बनाई जाएगी। इस बारे में जानकारी देते हुए स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने कहा है स्वीकृत 13.86 करोड़ रुपए में से 3.30 करोड़ (प्रति जिला 15 लाख) से ब्लड बैंक के भवन का जीर्णोद्धार किया जाएगा। उक्त राशि में से विभाग ने प्रथम चरण में सभी 22 जिलों के सिविल सर्जन को प्रति जिला 7 लाख रुपए का आवंटन कर दिया है। चयनित कार्यकारी एजेंसी के माध्यम से अधिकतम तीन माह के अंदर भवन जीर्णोद्धार का काम पूरा किया जाएगा।
क्या है ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट
बता दें कि ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट में ब्लड को घुमाया (मथा) जाता है। इससे ब्लड परत दर परत (लेयर बाई लेयर) हो जाता है और आरबीसी, प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट अलग-अलग हो जाते हैं। जरूरत के मुताबिक इनको निकाल लिया जाता है। निकले गए रक्त के प्रत्येक तत्व की अलग-अलग जीवन अवधि होती है।