
रांची: झारखंड में ऐसे कई हसीन वादियां है जिसे देखकर आपका मन आनंदित हो उठेगा. आपको यहां की वादियां काफी आकर्षित भी कर सकती है क्यों झारखंड राज्य है ही ऐसा. आपको बता दें, देश के कई राज्यों में केंद्र सरकार की तरफ से वंदे भारत एक्सप्रेस के रूप में सेमी हाई स्पीड ट्रेन का परिचाल शुरू हो गया है और अब केंद्र सरकार देश में बुलेट ट्रेन चलाने की पुरजोर तैयारी में जुटी है. खैर...हम बात कर रहे है झारखंड के ऐसे अनोखे रेलवे फाटक की जिसके विषय में जानकर आप अश्चर्यचकति हो जाएंगे. जी है झारखंड में वो रेलवे फाटक कोडरमा जिले में स्थित है. यहां कोडरमा-गिरिडीह रेल लाइन पर डोमचांच में बंगाईकला और मंझलीटांड एक ऐसा समपार फाटक है जिस रूट से कई ट्रेनें हर रोज गुजरती है. लेकिन यह फाटक रेलवे के सभी फाटकों में विशेष और अलग है..
बात करें यहां से गुजरने वाली सभी ट्रेनों की तो, इस फाटक से ट्रेनों के गुजरने के दौरान एक अनोखा नजारा देखने को मिलता है. दरअसल, इस फाटक के करीब जैसे-जैसे ट्रेन पास पहुंचने लगती है ट्रेन की रफ्तार एकदम से धीमी हो जाती है और फाटक के पास पहुंचने से ठीक पहले ट्रेन रूक जाती है. जिसके बाद ट्रेन में ड्राइवर के केबिन से एक रेलवे गार्ड उतरता है जो फाटक को बंद करता है जिसके बाद ट्रेन फाटक क्रॉस (पार) करती है और उसके बाद जब ट्रेन फाटक से गुजर जाती है तो फिर से ट्रेन आगे बढ़कर रुकती है जिसके बाद रेल के पिछले हिस्से से एक रेलवे गार्ड फिर से नीचे उतरता है यानी कि रेल के पिछले हिस्से वाले बोगी से एक और गार्ड नीचे आकर फाटक खोलता है और उसके बाद उसके ट्रेन में चढ़ने के बाद ही ट्रेन फाटक के पास से आगे अपने गंतव्य स्थान के लिए रवाना होती है.
रेल लोको पायलट और रेलवे गार्ड हर रोज करते है कड़ी मशक्कत
दरअसल यह सिर्फ एक ट्रेन की कहानी नहीं है बल्कि उस रेलवे मार्ग से गुजरने वाली सभी ट्रेन प्रतिदिन इस नियम को फॉलो करते है. बता दें, कुल 6 ट्रेने हर रोज इस मार्ग से गुजरती है. लेकिन इस फाटक पर पहुंचते ही..जैसे कि हमने आपको बताया कि ट्रेन..फाटक के पास पहुंचने से पहले ही रुकती है..फाटक बंद होता है..ट्रेन फाटक पार करती है और फिर आगे बढ़कर रूकती है जिसके बाद गार्ड फाटक खोलता है और उसके बाद ट्रेन में उसके बैठने के बाद ट्रेन आगे के लिए निकलती है.
आपने रेल के अपने सुहाने सफर में ऐसा नजारा शायद ही कहीं देखी होगी. यह नजारा आपको कोडरमा-गिरिडीह रेल लाइन पर डोमचांच में बंगाईकला और मंझलीटांड समपार फाटक पर ही देखे को मिलेगा. यहां इस फाटक के पास पहुंचते ही ट्रेन के लोको पायलट और रेलवे गार्ड को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है. आपको बता दें, इस फाटक के एक ओर कोडरमा टाउन स्टेशन जबकि दूसरी तरफ महेशपुर स्टेशन है, वहीं यह रेलवे लाइन मंझलीटांड में डोमचांच-जयनगर मार्ग से होकर गुजरती है.