
रांची : आज विधानसभा के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा परिसर में बीजेपी विधायक बिरंची नारायण धरना पर बैठ गये हैं। दरअसल मंगलवार को तीन विधायकों को स्पीकर रवींद्र नाथ महतो ने हंगामा करने के आरोप में निलंबित कर दिया था। इस वजह से आज बिरंची नारायण हाथ में तख्ती लिए आरोप लगा रहे हैं कि सरकार युवा विरोधी है। युवाओं के मुद्दे उठाने पर हमें निलंबित कर दिया जाता है। बता दें कि बिरंची नारायण के साथ भानुप्रताप शाही और जेपी पटेल को भी निलंबित किया गया है।
बेजीपी प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में विधि व्यवस्था का स्तर लगातार गिरने की शिकायत की। कहा कि भ्रष्टाचार के कारनामों के बीच राज्य में संवैधानिक संकट की स्थिति बन गई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री पर भ्रष्टाचार के संरक्षण और संवर्धन के गंभीर आरोप लग रहे हैं। राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ ईडी की कार्रवाई में स्वयं मुख्यमंत्री घिरे हैं। राज्य के कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी जेल में बंद हैं। बीजेपी इन सब मामलों का संवैधानिक समाधान चाहती है। प्रतिनिधिमंडल ने इस बाबत राज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा।
झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का तीसरे दिन बीजेपी के विधायक हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे थे। उन्होंने खूब नारेबाजी की। बीजेपी विधायकों ने विधानसभा के अंदर और बाहर खूब हंगामा किया। जिसको लेकर विधानसभा स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने कहा कि प्रश्नकाल को हंगामा काल बना दिया गया है। इसके बाद स्पीकर ने भानु प्रताप शाही और बिरंची नारायण समेत तीन BJP विधायकों को शीतकालीन सत्र के लिए निलंबित कर दिया। स्पीकर ने कहा कि आपकी आदत खराब हो गई है। आपकी वजह से सदन बार-बार बाधित हो रहा है। आग्रह करने पर सुन भी नहीं रहे है। जिसके बाद विधायक बिरंची नारायण और भानु प्रताप शाही को सदन से मार्शलों ने विधानसभा से निकाला। जिसके बाद बीजेपी विधायकों ने तानशाही नहीं चलेगी के नारे लगाए। बीजेपी विधायकों ने सदन का बहिष्कार भी किया।