
रांची: दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र के बीच कई तटीय क्षेत्रों को अलर्ट पर रखा है. पूर्वोत्तर राज्यों में आए चक्रवाती तूफान ‘मिधिली’ के बाद अब बंगाल की खाड़ी में एक और तूफान बढ़ रहा है. इससे लेकर मौसम विभाग ने कहा कि एक और चक्रवाती तूफान आने वाला है. यह इस साल का चौथा तूफान होगा और इसके भारत, बांग्लादेश और म्यांमार तक अपना असर छोड़ने की संभावना है. अगले 48 घंटों में बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान ‘माइचौंग’ के आने की संभावना है.
ओडिशा के इन जिलों में अलर्ट जारी
आज, 1 दिसंबर को यह बढ़कर 50 से 60 किमी प्रति घंटे से लेकर 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की उम्मीद है. 2 दिसंबर को 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़कर 80 किमी प्रति घंटे होगी. वहीं, 2 दिसंबर तक दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी से बचें. 2 दिसंबर को ‘माइचौंग’ सबसे विकराल रूप में आ सकता है. इस दौरान हवा की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है. आज (1 दिसंबर) के द्वीपों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है. वहीं, ओडिशा सरकार ने दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर कम दबाव के क्षेत्र के बीच राज्य के सात तटीय जिलों को अलर्ट पर रखा है. चक्रवात की चेतावनी के बीच ओडिशा सरकार ने बालासोर, भद्रक, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, पुरी, खुर्दा व गंजम जिलों को अलर्ट किया है.
मछुआरों के लिए चेतावनी जारी
आईएमडी ने अलर्ट जारी करते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. तटीय जिलों के कलेक्टरों चेतावनी जारी करते हुए कहा कि समुद्र की स्थिति बहुत खराब होने की संभावना है, इसलिए मछुआरों को 1 दिसंबर से बाहर नहीं जाने की सलाह दी जाती है, और जो लोग समुद्र में गए हैं, उन्हें उस दिन तक वापस आ जाना चाहिए. उन्होंने कहा, "मत्स्य पालन और पशु संसाधन विभाग समुद्र में चलने वाले मछुआरों और नौकाओं और नियमित रूप से लौटने वाली नौकाओं और मछुआरों के विवरण को चेतावनी संदेश का संचार सुनिश्चित कर दिया जाएगा.