रांची: झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सदन की कार्यवाही मंगलवार (19 दिसंबर) 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है. आपको बता दें, आज झारखंड विधानसभा में शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन है. और आज शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन 18 दिसंबर (सोमवार) को झारखंड सरकार के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए 8111 करोड़ का दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया.
सदन के बाहर अपने अपने मुद्दो को लेकर पक्ष-विपक्ष का प्रदर्शन
बता दें, सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर अपने-अपने मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया. बीजेपी विधायकों ने ED के समन के बाद सीएम द्वारा पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय नहीं जाने को लेकर प्रदर्शन किया. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफा देने की मांग और उनके कार्यकाल की CBI जांच की मांग की साथ ही बीजेपी विधायकों ने कांग्रेस सांसद धीरज साहू के मामले को भी फिर से सदन के बाहर प्रदर्शन के दौरान उठाया. वहीं जेएमएम (झारखंड मुक्ति मोर्चा) ने भी सदन के बाहर हंगामा किया. JMM ने वन अधिकार अधिनियम में संशोधन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया इतना ही नहीं उन्होंने केंद्र सरकार पर पूंजिपतियों को जंगल बेचने का आरोप भी लगाया.
वहीं सदन की कार्यवाही शुरू होने पर बीजेपी ने सांसद धीरज साहू का मामला सदन में उठाना चाहा लेकिन विधानसभा स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने मना करते हुए कहा कि धीरज साहू इस सदन के सदस्य नहीं है. बाघमारा से बीजेपी विधायक ढुल्लू महतो वेल में पहुंचे. उन्होंने राज्य सहित धनबाद जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाया. इस दौरान बीजेपी विधायक भी वेल में पहुंचे.
सदन में शोर-शराबे के बीच प्रश्नकाल शुरू हुआ. इस बीच विधायक प्रदीप यादव ने जातिगत जनगणना राज्य में करवाने का मामला उठाया. इसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि इस विषय पर सरकार जल्द निर्णय लेगी. इस बीच नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने जातिगत जनगणना का विषय सदन में उठाने पर आपत्ति जताई. साथ ही उन्होंने कहा कि जब ये कार्य सूची में नहीं है तो यह विषय कैसे उठाया गया. किस अधिकार से ये मामला आया जबकि उनका प्रश्न होमगार्ड का था.
धीरज साहू का पैसा पार्टी का नहीं पारिवारिक कारोबार का- आलमगीर आलम
वहीं सांसद धीरज साहू मामले में नेता प्रतिपक्ष धीरज साहू ने कहा कि 'ये ठीक है कि ये संसद के सदस्य है मगर पैसा तो झारखंड से लूटा गया है. उन्होंने कहा कि सरकार चार साल पूरा करने वाली है सदन को को लंबा करना चाहिए था. राज्य के मुख्यमंत्री ईडी के समन को दरकिनार कर संविधान का अहेलना कर रहे हैं नेता प्रतिपक्ष की बात खत्म होते ही बीजेपी के विधायक फिर से वेल पर पहुंच गए. इधर नेता प्रतिपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि धीरज साहू का पैसा पार्टी का नहीं पारिवारिक कारोबार का है. ईडी ने समन किया सीएम ने जवाब दिया ये मुद्दा यहां कैसे उठ रहा है. स्पीकर ने कहा इस तरह के मुद्दों को विपक्ष नजरअंदाज करें. इसके बाद बीजेपी विधायकों वेल में पहुंचकर नारेबाजी की
सदन की कार्यवाही के बीच एनसीपी विधायक कमलेश सिंह ने पलामू में वज्रपात से मृत व्यक्तियों के आश्रितों तथा मृत पशुओं के मालिकों को मुआवजा का मामला उठाया. इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि एक महीने में मुआवजा का भुगतान कर दिया जाएगा. वहीं इस बीच विपक्ष के विधायक सदन में हंगामा करते रहे इस दौरान स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर साढ़े 12 तक के लिए स्थगित कर दिया था. साढ़े 12 बजे सदन में शून्यकाल शुरू हुई इस बीच भी बीजेपी विधायक वेल में पहुंचे. इसपर स्पीकर ने बीजेपी विधायकों को फटकार लगाई. साथ ही कहा कि आसान को कड़ाई से निर्णय लेने में मजबूर न करें, संसद में क्या हुआ है आपने देखा है न..
