
धनबाद : जेल में बंद गैंगस्टर अमन सिंह हत्याकांड मामले में आरोपी रितेश ने हैरान करने वाले कई खुलासे किए है। पुलिस द्वारा कोर्ट में जो बयान पेश किया गया है उसके अनुसार आरोपी रितेश को आशीष रंजन ने धोखे से जेल भेजा था। इसके बाद पहले जेलर की हत्या करने को कहा। जब वह तैयार नहीं हुआ तो उसके पिता और भाई को मारने की धमकी देकर अमन को मारने को मजबूर किया। इस काम के लिए उसे 1 लाख रुपए मिले थे।
कोर्ट में पेश किए गए बयान में रितेश ने कहा है कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उसे पैसे की जरूरत थी। इसी बीच उसके दोस्त कुणाल ने उसकी बात आशीष से करवाई। फिर दोनों नेपाल आशीष से मिलने पहुंचे। वहां आशीष ने उससे कहा कि एक काम धनबाद में है। इसके लिए उसे 1 लाख रुपए भी दिए। धोखे से फिर उसे धनबाद जेल पहुंचाया गया। जेल पहुंचते ही उसे एक लड़का वार्ड तीन के बार्थरूम में लेकर गया यहां आशीष से बात कराई। उसने कहा कि अमन चाहता है कि वह जेलर की हत्या कर दें। इसपर वह तैयार नहीं हुआ। हत्या के तीन दिन पहले फिर आशीष का फोन आया उसने कहा कि तुम्हारे पास दूसरा रास्ता भी है। तुम अमन को ही मार दो नहीं तो वह हमारे परिवार की जान ले लेगा। दबाव पड़ने वह अमन को मारने को तैयार हो गया।
इसके बाद वह अमन हत्या करने के फिराक में लग गया। पहले ही दिन उसकी मुलाकात अमन से हो गई थी। अमन ने उसे एक घंटे तक जेल में घास छिलवाया था। इसके बाद उससे नजदीकी बढ़ाने के लिए उसने पैर छूकर अमन को प्रणाम किया। धीरे-धीरे करके ही वह 4 दिन में ही अमन के गुडबुक में शामिल हो गया। इसके बाद उसने अमन के पैर दबाने वाले से नजदीकी बढ़ाई। घटना के दो दिन पहले वह उसकी मुलाकात जेल में बंद कतरास के विकास बजरंगी और सतीश साव से हुई । जहां बजरंगी ने उसे दो पिस्टल दिया।