आदित्यपुर : स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 के रैंकिंग में आदित्यपुर को 261वां स्थान मिला है. पिछली बार 150वां था. यहां सफाई के टेंडर में चल रही कमीशनखोरी का नतीजा है कि आदित्यपुर सफाई कार्य में लगातार पिछड़ रहा है. बता दें कि यहां 2021 से सफाई कार्य का टेंडर नहीं हुआ है. कमीशनखोरी के चक्कर में पुराने ठेकेदार को ही लगातार एक्सटेंशन दिया जा रहा है. इस वजह से सफाई कार्य चौपट हो गई है.
आरटीआई कार्यकर्ता रविंद्र घोष ने आरोप लगाया है कि यहां का प्रबंधन आदर्श आचार संहिता लागू होने का इंतजार कर रहा है, ताकि आचार संहिता लगने के बाद टेंडर प्रक्रिया से बचकर सफाई का ठेका पुरानी एजेंसी को फिर से रिन्युअल कर सके. बता दें कि नगर निगम आदित्यपुर में 2021 से ही सफाई कार्य के लिए बहाल ठेकेदार को एक्सटेंशन देकर लगातार काम लिया जा रहा है. एजेंसी के द्वारा विभिन्न वार्डों में रेग्युलर तरीके से न तो सफाई कार्य किया जा रहा है न ही घर-घर कचरा उठाव ही हो रहा है.
आरटीआई कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें आरटीआई में लिखित रूप से जानकारी दी गई थी कि 3 महीने के अंदर फ्रेश टेंडर कर नए ठेकेदार को सफाई का टेंडर दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है. आदर्श आचार संहिता का इंतजार किया जा रहा है. 10 जानवरी को जारी देश भर के शहरों के स्वच्छता सर्वेक्षण में सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर को राज्य में 7वां रैंक हासिल हुआ, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर आदित्यपुर को 261वां रैंक मिला है. जिले के कपाली को राज्य में 37वां और राष्ट्रीय स्तर पर 3767 रैंक हासिल हो पाया.
वहीं पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा को झारखंड में तीसरा रैंक मिला, जबकि राष्ट्रीय रैंक 994 मिला है. चक्रधरपुर को राज्य में 11वां रैंक जबकि 1632वां रैंक राष्ट्रीय स्तर पर मिला. रांची जिले का बुंडू राज्य में नंबर वन रैंक पर रहा, लेकिन वह एक लाख से कम आबादी वाले में देश भर में 943 रैंक पर रहा. रांची झारखंड में दूसरे रैंक पर रहा, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर 154वां रैंक रांची को मिला है. वहीं धनबाद राज्य में चौथे स्थान पर, जबिक राष्ट्रीय स्तर पर 215वां रहा.
