रांची : मरीज अस्पताल से रेफर होने की मन:स्थिति में जब तक नहीं होता है, उसको दूसरे अस्पताल में नहीं भेजा जा सकता है. इस नये मापदंड को पालन करने के लिए शीघ्र कानून बनाया जायेगा. | राजीव पांडेय, रांची : अब निजी अस्पताल मरीजों की स्थिति गंभीर होने पर सीधे सरकारी अस्पतालों को रेफर नहीं कर पायेंगे. मरीज की स्थिति और परिस्थिति दोनों को मूल्यांकन करने के बाद ही निजी अस्पताल मरीज को सरकारी अस्पताल में रेफर करेंगे. यानी सभी मापदंडों को देखने के बाद यह भी देखना होगा कि मरीज सरकारी अस्पताल तक सही से पहुंच पायेगा या नहीं. नये मापदंड के अनुसार, अस्पताल को यह देखना होगा कि मरीज की सांस की नली ठीक से काम कर रहा है या नहीं. ऑक्सीजन सेचुरेशन, बीपी, शुगर, पल्स रेट, हार्ट रेट ठीक है या नहीं. अगर ये चीजें यह मानक के अनुरूप नहीं है, तो निजी अस्पताल मरीज को सरकारी अस्पताल में रेफर नहीं कर सकते हैं. यही नियम मरीज को एक सरकारी अस्पताल से दूसरे सरकारी अस्पताल भेजने के लिए भी तय किया गया है.
स्थिति गंभीर हो जाने के बाद सरकारी अस्पतालों में सीधे रेफर नहीं कर पायेंगे निजी अस्पताल, मापदंड तैयार
byPrabhat Vision
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