रांची: दुनिया में डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप माना जाता है जब किसी व्यक्ति को अपने शारीरिक या मानसिक परेशानियां या चोटें पहुंचती है तो वह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचते है और वहां पहुंचकर डॉक्टर से इलाज कराते है ताकि वे स्वास्थ हो सकें. मगर देश की राजधानी दिल्ली से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे. दरअसल यहां पर दो प्रमुख अस्पतालों ने एक मरीज को वेंटीलटर खाली नहीं होने का हवाला देकर उसे भर्ती नहीं लिया, इतना ही नहीं..उस शख्स को वापस भी लौटा दिया. जिसके बाद मरीज ने अस्पताल के बाहर ही दम तोड़ दिया.
दरअसल, मृतक व्यक्ति को पुलिस एक मामले में पूछताछ के लिए अपने साथ थाने लेकर जा रही थी इसी बीच उसने पुलिस वाहन से छलांग लगा दी थी. जिसके कारण उसके सिर पर गंभीर चोट आ गई थी. इसपर पुलिस ने उसे इलाज के लिए फौरन अस्पताल का रूख किया. इस बीच पुलिस घायल शख्स के इलाज के लिए राजधानी के कई अस्पतालों का चक्कर लगाती रही लेकिन कई प्रमुख अस्पतालों ने मरीज को वेंटीलेटर खाली होने का हवाला देकर वापस लौटा दिया.
पुलिस के मुताबिक, यह पूरा मामला उत्तर पूर्वी दिल्ली के उस्मानपुर इलाके का है. जहां 2 जनवरी 2024 की शाम पुलिस को कॉल करते हुए एक महिला ने सूचना दी कि कोई व्यक्ति उसके घर के बहार गाली गलौज और अभद्रता व्यवहार कर रहा है. जिसके बाद मौके पर पहुंचे दो पुलिस कर्मियों ने उस आरोपी शख्स को पुलिस की गाड़ी में बिठाया और मामले में पूछताछ के लिए उसे थाने ले जाने लगे. इस बीच आरोपी ने उल्टी आने का बहाना करते हुए गाड़ी की खिड़की खोलने को कहा और उसके बाद उसने वहां से छलांग लगा दिया. जिससे उसके सिर पर गंभीर चोट आ गई. पुलिस ने बताया कि व्यक्ति नशे की हालत में था. व्यक्ति के छलांग लगाने के तुरंत बाद पुलिस ने उसे इलाज के लिए सबसे पहले जीटीबी अस्पताल पहुंचाया मगर वहां सीटी स्कैन की सुविधा न होने की वजह से उसे एलएनजेपी रेफर किया गया. इसके बाद एलएनजेपी पहुंचने पर यहां वेंटीलेटर खाली न होने पर आरएलएम के लिए मरीज को भेजा गया. लेकिन वहां भी वेंटीलेटर खाली नहीं थी जिसके कारण उसे भर्ती नहीं किया गया. वहीं अस्पतालों का चक्कर लगाने के बाद पुलिस उसे फिर से एलएनजेपी अस्पताल ला रही थी लेकिन इस दौरान मरीज ने दम तोड़ दिया. इधर इस मामले में एलएनजेपी अस्पताल के एमएस ने कहा है कि मामले में जांच की जा रही है.
