जमशेदपुर : अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन का 27वां अधिवेशन शनिवार से




जमशेदपुर  अखिल भारतीय भोजपुरी साहित्य सम्मेलन के स्वर्ण जयंती वर्ष पर दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन 16 और 17 दिसंबर को किया गया है. अधिवेशन यहां बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में होगा. उदघाटन सत्र के मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा होंगे. सम्मेलन के भावी अध्यक्ष ब्रजभूषण मिश्र, महामंत्री डॉ जयकांत सिंह ‘जय’, मॉरीशस से पधारीं सरिता बुधु,नेपाल से आये प्रतिनिधि गोपाल ठाकुर, गोपाल अश्क, भोजपुरी जंक्शन के सम्पादक मनोज भावुक, आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रसेनजित तिवारी, सचिव डॉ संध्या सिन्हा, तुलसी भवन के न्यासी अरुण तिवारी, संयोजक डॉ अजय ओझा व अन्य ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी. प्रसेनजित तिवारी ने बताया कि 16 तथा 17 दिसंबर को अधिवेशन में विभिन्न पहलुओं पर साहित्यिक विमर्श,सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा पुस्तक प्रर्दशनी आदि का आयोजन होगा. साहित्यकार सम्मान भी इस कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा. भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल करवाने की योजना भी बनेगी.


प्रेस कॉन्फ्रेंस में मॉरीशस से आयीं सरिता बुधु ने बताया कि मॉरिशस के भोजपुरी गीतों को यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल किया है. मॉरीशस फिजी, सूरीनाम, गुयाना, गिनिवाव आदि अनेक देशों में भोजपुरी सेवी अपनी सक्रियता दिखला रहे हैं। डॉ सरिता बुधु के पति मॉरीशस के उप प्रधानमंत्री भी रहे हैं. नेपाल से आये प्रतिनिधि श्री गोपाल ठाकुर जो कि वहां के पूर्व संसद सदस्य एवं वर्तमान में भाषा उत्थान के अध्यक्ष हैं ने कहा कि नेपाल में भी भोजपुरी तीसरी सबसे बड़ी भाषा है एवं वहां कि भोजपुरी भाषी जनता काफ़ी सक्रिय है. अधिवेशन का विशेष आकर्षण 16 दिसम्बर को सांस्कृतिक संध्य होगी, जिसमें नृत्य, नाटक, गीत आदि प्रस्तुतियां होंगी. इसमें पूरे देशभर से आये कलाकार हिस्सा लेंगे. 17 दिसंबर की संध्या राष्ट्रीय भोजपुरी कवि सम्मेलन का आयोजन होगा. सभी प्रतिनिधि 18 के प्रातः जलपान के पश्चात अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करेंगे.

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