
रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने आरक्षण को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। शनिवार को लिए गए इस फैसले में हाईकोर्ट ने कहा है कि आरक्षण का लाभ व्यक्ति ने जिस राज्य में जन्म लिया है, उसी राज्य में उठा सकता है। कोर्ट ने कहा कि यदि किसी महिला की शादी झारखंड में हुई है और वह दूसरे राज्य की रहने वाली है, तो उसे आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा।
रीना राणा ने वर्ष 2016 में JSSC परीक्षा में आरक्षण का दावा किया था। इसपर JSSC ने रीना राणा को परीक्षा में आरक्षण देने से इंकार कर दिया था। दरअसल, परीक्षा के बाद रीना को इंटरव्यू और प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए बुलाया गया था। रीना ने अपने पति के कास्ट सर्टिफिकेट के आधार पर आरक्षण की मांग की थी। इसपर आयोग ने रीना को आरक्षण देने इंकार कर करते हुए कहा कि वह अन्य राज्य में आरक्षण श्रेणी में आती है। इसके बाद रीना राणा ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। रीना ने याचिका दायर करते हुए परीक्षा में आरक्षण की मांग की थी।
प्रार्थी रीना राणा की ओर से अधिवक्ता अभिषेक चौधरी पक्ष रख रहे थे। वहीं राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता श्वेता शुक्ला ने पक्ष रखा। JSSC कि ओर से पक्ष अधिवक्ता संजोय पिपरवाल ने दलील पेश किये। न्यायधीश जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया। न्यायधीश जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने रीना राणा की आरक्षण वाली याचिका को ख़ारिज कर दिया। कोर्ट ने माना कि रीना राणा किसी अन्य राज्य की निवासी है और वह अपने पति के कास्ट सर्टिफिकेट के आधार पर आरक्षण का लाभ उठाना चाहती हैं, जो कानून के विरुद्ध है।