चाईबासा : मलेरिया नियंत्रण को लेकर जिला मलेरिया विभाग मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में लगातार दौरा कर रहा है. इस दौरे के क्रम में गुरुवार को सीएचसी टोन्टो में प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. गैर सरकारी संस्था सीनी के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में विभाग से गए एक्सपर्ट के रूप में उपस्थित लोगों ने मलेरिया की रोकथाम की जानकारी दी. इस जानकारी में मलेरिया रोगों की जांच इसके लिए मास लेवल फीवर सर्वे, बीमार से पीड़ित व्यक्तियों की रक्त जांच, रक्त जांच के नमूने को जांच कर यह पता करना कि अगला व्यक्ति मलेरिया से पीड़ित है या नहीं, चिन्हित किया गये जगह पर साफ सफाई, ब्लीचिंग का छिड़काव, वहां पर रहने वाले लोगों के बीच मच्छरदानी का वितरण सहित मलेरिया से संबंधित अन्य बिंदुओं पर उन्हें विशेष रूप से जागरूक किया गया.
उन्हें बताया गया कि यदि इन बिंदुओं पर तरीके से कार्य किया जाए तो बहुत हद तक मलेरिया को नियंत्रित किया जा सकता है.प्रशिक्षण में जानकारी दी गई कि सुदूर वर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोग समय पर समुचित चिकित्सा न मिल पाने के कारण इस बीमारी के निदान के लिए पूजा पाठ का सहारा लेते हैं. इसका फायदा झोलाछाप डॉक्टर उठा लेते हैं, तो वैसे जगह पर विशेष रूप से फोकस करने की जरूरत है. वैसे व्यक्ति न तो पूजा पाठ की तरफ आकर्षित हो न ही झोलाछाप डॉक्टरों के चंगुल मे फंसे. उनका समुचित इलाज हो और जहां भी इसमें समस्या होती है इसके लिए विभाग के तुरंत संपर्क स्थापित किया जाए. सिविल सर्जन साहिर पाल, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ मीना कालुन्डिया, के निर्देश पर आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में जिला भीबीडी कंसलटेंट शशि भूषण महतो मलेरिया नियंत्रण पर अपना सहयोग दे रही एनजीओ सीनी के सौरभ मजूमदार उपस्थित थे.
