
रांची : झारखंड सरकार किसानों को लेकर बड़ा कदम उठाने वाली है। दरअसल, हेमंत सरकार धान खरीदने के लिए बैंक से 1000 हजार करोड़ कर्ज लेगी। इसको लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है। प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जेएसएफसी के प्रबंध निदेशक यतींद्र प्रसाद ने इओआइ निकाल कर बैंकों को लोन देने के लिए आमंत्रित किया है। निविदा खोलने की अंतिम तिथि 26 दिसंबर निर्धारित की गयी है।
इस साल सरकार 117 रुपये का देगी बोनस
वित्त विभाग की सहमति मिलने के बाद सरकार संबंधित बैंक से कर्ज लेकर धान खरीदना शुरू करेगी। दरअसल, इस साल सरकार ने धान खरीद का लक्ष्य 60 लाख क्विंटल कर दिया है। इस साल केंद्र सरकार की ओर से साधारण धान के लिए एमएसपी 2,183 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। वहीं, ग्रेड-ए धान के लिए 2,203 रुपये प्रति क्विंटल है। इस के अलावा किसानों को राज्य सरकार 117 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस देगी। इस तरह इस साल राज्य के किसानों को सामान्य धान पर कुल 2300 रुपये और ग्रेड-ए धान पर 2320 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिलेगा। चावल मिलों को 60 रुपए प्रति क्विंटल की दर से इंसेंटिव दिया जाएगा। ऐसे में इय योजना में कुल 70.20 करोड़ रुपये खर्च होगा।
50 प्रतिशत राशि ही दी जाएगी शुरू में किसानों को
राज्य सरकार ने इस साल किसानों से 60 लाख क्विंटल धान की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है, उसमें से 23 लाख क्विंटल धान की खरीद झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना और 37 लाख क्विंटल धान की खरीद केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लिए की जायेगी। सरकार ने इस वर्ष भी धान खरीद के समय किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की 50 प्रतिशत राशि का भुगतान करने का निर्णय लिया है। बाकि की राशि और बोनस धान के गोदाम में पहुंचने के बाद किया जाएगा। हालांकि अभी तक धान खरीद की तिथि तय नहीं हो पायी है। हालांकि, जो जानकारी है उसके मुताबिक सरकार 31 मार्च 2024 को धान खरीद सकती है।
खाद्य आपूर्ति विभाग ने प्रति किसान 200 क्विंटल धान निर्धारित की है ताकि अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य प्राप्त हो सके। अपवाद स्वरूप यदि कोई किसान 200 क्विंटल से अधिक धान बेचता है तो उपायुक्त द्वारा स्थानीय जांच के बाद अनुमति प्रदान करने के संबंध में निर्णय लिया जायेगा।