आईआईएम रांची में फ्रांस की कंपनी को मिल गया ठेका



रांची : इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम), रांची देश के बेहतरीन संस्थानों में से एक है. आउटलुक आइकेयर के इंडियाज बेस्ट बी-स्कूल-2024 की रैंकिंग में इसका सातवां और एनआईआरएफ में 21वां स्थान है. यहां करीब 1200 छात्र पढ़ते हैं. इनके लिए मेस की व्यवस्था है. “मेड इन इंडिया” के जमाने में मेस का संचालन फ्रांस की कंपनी करेगी. क्योंकि मेस चलाने का टेंडर उसी कंपनी को मिल सकता था, जिसका सालाना टर्न ओवर 2000 करोड़ रुपया हो. भारत में ऐसी कोई कंपनी है ही नहीं. लिहाजा फ्रांस की सुडिस्को नामक कंपनी ने काम हासिल कर लिया. हालांकि अब इस पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं. सवाल उठ रहा है कि जानबूझ कर विदेशी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए अमृत काल में “लोकल फॉर वोकल” को हतोत्साहित तो नहीं किया गया.

उपलब्ध दस्तावेज के अनुसार आईआईएम रांची ने मेस संचालन के लिए अक्तूबर 2023 में टेंडर निकाला. आश्चर्यजनक ढ़ंग से टेंडर में शामिल होने वाली कंपनियों के लिए शर्तें कड़ी कर दी गई. पिछले साल टर्नओवर की राशि दो करोड़ थी. जिसे 1000 प्रतिशत बढ़ा कर 2000 करोड़ कर तक दिया गया. चूंकि देश में मेस चलाने के लिए इतनी बड़ी राशि की टर्न ओवर वाली कंपनी शायद ही उपलब्ध हो. इसलिए विदेशी कंपनी ने टेंडर प्रक्रिया में भाग लिया और सफल हो गयी. और आईआईएम रांची, एक शिक्षण संस्थान के तौर देश का पहला इंस्टीच्यूट बन गया, जिसका मेस चलाने वाली कंपनी का टर्न ओवर 2000 करोड़ रुपया है.

आईआईएम रांची ने कैटरिंग आदि से संबंधित जो टेंडर निकाला. उसमें टेक्निकल विड के सालाना ट्रांनजेंक्शन पांच कैटेगरी में करते हुए नंबर निर्धारित कर दिया. इसमें 50 से 100 करोड़ वाले को एक नंबर, 100 से 500 करोड़ वाले को 2 नंबर, 500 से 1000 करोड़ वाले को 3 नंबर, 1000 करोड़ से 2000 करोड़ वाले को 4 नंबर और 2000 करोड़ से ज्यादा टर्न ओवर वाली कंपनी को 5 नंबर प्रदान करने की बात है.


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