
रांची : स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने कि लिए सोशल मीडिया पर #SeetiBajao को टैग अभियान चलाया जायेगा। अभियान 11 जनवरी, 2024 को चलेगा। इसकी पहल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड की ओऱ से की गयी है। बता दें कि इससे पहले स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढाने के लिए 'सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ' नाम से अभियान शुरू किया गया था। इसकी सफलता से उत्साहित होकर विभाग ने हैच टैग अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस दिन सभी जिलों में स्कूल आते हुए बच्चों की सीटी बजाती हुई तस्वीर या वीडियो # को हैच टैग के साथ सोशल मीडिया में पोस्ट किया जायेगा। विभाग ने ऐसे पोस्ट करने के लिए सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही आम लोगों से भी अपील की है।
इस सोशल मीडिया महाअभियान में राज्य के प्रत्येक जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड साधन सेवी, संकुल साधन सेवी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं, अभिभावक आदि अनिवार्य रूप से भाग लेने के लिए आदेश दिया गया है। अभियान में समाज के प्रबुद्धजन, मुखिया, स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य, नागरिको एवं जनप्रतिनिधियों को भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इनके अलावा सरस्वती वाहिनी के सदस्य एवं माता समिति के सदस्य भी इसमें शामिल होंगे।
सीटी बजाओ, स्कूल बुलाओ अभियान सिमडेगा के सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ अभियान के तर्ज पर ही पूरे राज्य में शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत प्रतिदिन प्रातः स्कूल में हाउस के कैप्टन और क्लास मॉनिटर सीटी बजाते हुए अपने गांव, कस्बो, टोलो के बच्चो को स्कूल चलने के लिए प्रेरित करते हैं। सीटी बजते ही बच्चे स्कूल जाने के लिए तैयार हो जाते हैं और अपने सहपाठी के साथ स्कूल जाते हैं। इस अभियान से बच्चों के अभिभावक भी जागरूक हो रहे हैं। पहले बच्चों द्वारा गलत जानकारी या स्कूल बंद होने की जानकारी देकर स्कूल नहीं जाने का बहाना बनाया जाता था। अब सीटी बजते ही माता पिता यह समझ जाते हैं कि स्कूल खुला है और उन्हें अपने बच्चों को समय पर तैयार करके स्कूल भेजना है।
सोशल मीडिया पर हैच टैग अभियान की सफलता के लिए जिला, ब्लॉक एवं संकुल स्तर पर नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति की गयी है। जिलास्तर पर एडीपीओ, ब्लॉक स्तर पर बीपीओ और संकुल स्तर पर सीआरपी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। इस कार्यक्रम को प्रयास, एसएमसी और पीटीएम से भी जोड़ा जाएगा।