कन्नौज: सीडीओ ने बैंकर्स को ऋण जमा अनुपात दुरुस्त करने के दिये निर्देश



युवा स्वरोजगार योजना पर खास फोकस करें सभी बैंक




कन्नौज: मुख्य विकास अधिकारी राम कृपाल चौधरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में जिला बैंकर्स समिति की बैठक संपन्न हुई। 
मुख्य विकास अधिकारी ने ऋण जमा अनुपात की समीक्षा करते हुए भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक को सी0डी0 अनुपात बढ़ाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बैंको में सी0डी0 रेशियो महत्वपूर्ण होता है। किसी भी बैंक का सी0डी0 रेशियो 50 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए। उन्होंने आंकड़े वार्षिक ऋण योजना वर्ष 2024-25 के अंर्तगत पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र, कोटक महिंद्रा बैंक, आर्यावर्त बैंक, उ0प्र0 सह0ग्रा0 विकास बैंक लक्ष्य के सापेक्ष असंतोषजनक स्थिति पाए जाने पर निर्देश दिए कि वार्षिक ऋण योजना पर विशेष ध्यान दें और लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि हासिल करें। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम(डीआईसी) के अंतर्गत बैंक ऑफ़ इंडिया में 03, भारतीय स्टेट बैंक में 01, पंजाब नेशनल बैंक में 02,0यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया में 01, बैंक ऑफ़ बड़ौदा में 01, आर्यावर्त बैंक में 03 लंबित आवेदन पत्रों को जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए। इसी क्रम में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (केवीआईसी) के अंतर्गत जिन बैंकों के लंबित आवेदन पत्र हैं उनका समय सीमा के अंदर निस्तारण किया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत बैंक ऑफ़ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया आदि बैंकों को निर्देश दिए की लंबित आवेदन पत्र का निस्तारण समय से करें। जिससे रैंकिंग प्रदेश में अच्छी बनी रहे। कहा कि एस0एच0जी0सी0सी0एल0 के अंतर्गत पिछली बार अच्छा कार्य किया गया है, इस बार भी उम्मीद है कि लक्ष्य के सापेक्ष अच्छा कार्य करेंगे। इस योजना को मार्च तक न ले जाएं निर्धारित समय से पहले ही कार्य को पूर्ण कर लिया जाए।
उन्होंने एक जनपद एक उत्पाद, मुख्यमंत्री माटी कला रोजगार योजना, एन0यू0एल0एम0 पीएम स्व निधि योजना, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, आर्सेटी की विस्तृत समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी बैंक निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कार्य करें। बैंकों का खाता धारक के प्रति व्यवहार अच्छा होना चाहिए, जिन योजनाओं में आवेदन स्वीकृत हो चुके हैं  तत्काल ऋण वितरण किया जाए। कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए और जो डाटा फीड किया जाए उसे अधिकारी स्वयं चेक करें, किसी भी प्रकार से गलत डाटा फीड नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि आईजीआरएस की शिकायत को गुणवत्तापूर्ण व समय से निस्तारण की जाए। शिकायत को स्वयं अधिकारी चेक करें और निस्तारण करें, ऑपरेटर के भरोसे कार्य को ना छोड़े। बैंक में कितने लोग कार्य कर रहे हैं उनके नाम और मोबाइल नंबर सभी शाखाओं में दिया जाए।
बैठक में नाबार्ड बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र, एलडीएम सहित संबधित अधिकारीगण व विभिन्न बैंकों के बैंक शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे।

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