- वेतन रोककर सीडीओ ने दी चेतावनी, गन्दगी दिखी तो खैर नही
कन्नौज: मुख्य विकास अधिकारी रामकृपाल चौधरी ने विकास भवन में अधिकारियों के कार्यालय का 10ः15 बजे औचक निरीक्षण किया, जिसमें समाज कल्याण विभाग के सहायक प्रबंधक श्री विनीत कुमार सिंह, पशुपालन विभाग के कनिष्ठ सहायक राज कुमार, दिनांक 19.07.2024 से लगातार अनुपस्थित, कनिष्ठ लिपिक रेनू यादव, सहायक आयुक्त एवं निबन्धन सहकारिता अधिकारी राजीव लोचन शर्मा, उद्यान विभाग के रमेश चन्द्र यादव, जिला पंचायत राज अधिकारी राजेन्द्र प्रकाश, डी0सी0 अनूप बाजपेई, डी0सी0एम0 अमितेष पाठक, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के प्रधान सहायक विजय कुमार वर्मा, वरिष्ठ सहायक नवीन पाण्डेय, मत्स्य विभाग के कनिष्ठ सहायक वेदप्रकाश राय, फिशरमैन भगवती लाल, प्रोबेशन विभाग के कनिष्ठ सहायक आर्यन सिंह, अपर संख्याधिकारी मोहन लाल, कृषि रक्षा विभाग की कनिष्ठ सहायक कु0 ईशा, जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार सिंह, सहायक अभियंता लघु सिचाई डा0 शिखा सचान, कनिष्ठ सहायक प्रीत कटियार, शिवराज सिंह, पत्रवाहक ऐनुल आवदीन आदि अधिकारी व कर्मचारी अनुपस्थित पाये गये।
मुख्य विकास अधिकारी ने निरीक्षण के समय अनुपस्थित अधिकारियों/ कर्मचारियों का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकते हुये अनुपस्थित रहने के संबंध में अपना सुस्पष्ट स्पष्टीकरण उपलब्ध करने के निर्देश दिये। इस दौरान पाया गया कि सहायक अभियंता लद्यु सिचाई डा0 सिखा सचान जनपद मुख्यालय पर नही रहती है, जिसमें प्राय निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पायी जाती है। आम जनमानस एंव जनप्रतिनिधियों को विभागीय योजनाओं की जानकारी नही हो पाती है। संज्ञान में यह भी आया है कि सप्ताह में 1 या 2 दिवस ही कार्यालय में उपस्थित रहती है और वह भी अपरान्ह 02-03 बजे कार्यालय ही नही बल्कि जनपद मुख्यालय भी छोड़ देती है। उन्होनें जिला प्रोबेशन कार्यालय में आधार सत्यापन हेतु बुलाये गये लाभार्थियों से जानकारी की, कि आधार सत्यापन हेतु आप लोगों से कोई सुविधा शुल्क तो नही लिया गया, इस पर लाभार्थियों द्वारा बताया गया कि ऐसी कोई बात नही है।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला अर्थ एंव संख्याधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी के कक्ष में साफ-सफाई व्यवस्था दुरूस्त पायी गई तथा अन्य अधिकारियों के कक्ष एंव कार्यालय कक्ष में साफ-सफाई का अभाव पाया गया तथा कार्यालय में अलमारी, मेज, कुर्सी, आदि का रखरखाव ठीक नही पाया गया, अधिकांश कार्यालयों मे अलमारी, कुर्सी टूटी पायी गई, जिस पर संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि एक सप्ताह के अन्दर अपने कार्यालय का रखरखाव सही करें, भविष्य में निरीक्षण के दौरान इस तरह की पुनरावृत्ति न पायी जाये।
