
रांची: उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के सिल्क्यारा टनल में फंसे कुल 41 मजदूरों को सुरंग से बाहर सुरक्षित निकालने को लेकर बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. आज सुरंग में फंसे मजदूरों का 14वां दिन है अंदर फंसे मजदूर आस लगाए बैठे है कि कब उन्हें सुरंग से बाहर निकाला जाएगा और वे एक बार फिर से नए शुरूआत के साथ अपनी नई जिंदगी की शुरूआत करेंगे लेकिन उन्हें बाहर निकालने को लेकर आज यानी 14वां दिन भी सस्पेंस बना हुआ है. और इसका कारण है सुरंग में ड्रिल के कार्य के लिए भेजी गई ऑगर ड्रिलिंग मशीन भी नाकामयाब रही. अब सुरंग के ऊपरी हिस्से यानी कि वर्टिकल पर ड्रिल की तैयारी की जा रही है.
अमेरिकी एक्सपार्ट ने दिया चौकाने वाला बयान
12 नवंबर को सिल्क्यारा टलन में यह बड़ा हादसा हुआ था. और आज इस हादसे को हुए कुल 14 दिन पूरे होने को है. कैलेंडर में दिन-ब-दिन तिथि बदलती जा रही है और घड़ी सी सुईयां भी अपनी रफ्तार में चलते जा रही है लेकिन इस बीच हालात बदलता हुआ नजर नहीं आ रहा है. प्रत्येक दिन सुबह उम्मीदों के साथ शुरू हो रही है. और शाम नाउम्मीदी के साथ गुजर जा रही है. इसी बीच अमेरिका से आए एक्सपर्ट ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है. अपने ताजा बयान में एक्सपर्ट ने कहा कि सुरंग में फंसे सभी मजदूर क्रिसमस यानी कि 25 दिसंबर तक अपने घरों पर होंगे. हालांकि एक्सपर्ट द्वारा दिए गए इस बयान से पीड़ितों के परिजनों की परेशानी और अधिक बढ़ गई है. लोग इस बात से हैरान हो रहे कि सुरंग में फंसे मजदूरों के बचाव कार्य की निगरानी करने वाली टीम के जिम्मेदार अधिकारी खुद प्रतिदिन अपना बयान बदलते दिख रहे हैं वे रोज दिन अपने बयानों में नई नई डेडलाइन बताते रहे हैं.
रेस्क्यू में जल्दबाजी हुई तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें
अमेरिकी टनल एक्सपर्ट अरनॉल्ड डिक्स ने बचाव कार्य में सफलता के लिए क्रिसमस यानी 25 दिसंबर की डेडलाइन दी है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा है कि 25 दिसंबर यानी क्रिसमस से पहले सुरंग में सभी 41 मजदूर अपने घर पर होंगे. वह सभी सुरंग के अंदर सुरक्षित हैं. उन्होंने यह भी कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन में अगर जल्दबाजी की गई तो मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं. इसलिए सतर्कता और पूरी सावधानी के साथ सुरंग में रेस्क्यू ऑपरेशन किया जा रहा है.
सीएम पुष्कर धामी ने बताया रेस्क्यू का अगला चरण
आपको बता दें, उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार यानी कि आज (25 नवंबर) ने सिल्क्यारा टनल में फंसे मजदूरों के बचाव कार्य का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने कहा था कि 'मजदूरों ने मुझसे कहा कि हमें खाना मिल रहा है, चिंता की कोई बात नहीं है हम सभी प्रार्थना कर रहे हैं कि हम सभी जल्द से जल्द सुरंग से बाहर निकल सकें.' सीएम पुष्कर ने कहा कि यहां सभी संसाधन उपलब्ध हैं. प्लाज्मा कटर की तरह जो उपकरण यहां नहीं है उसे भी लाया जा रहा है. मुख्य टनल के निर्माण से पहले एस्केप टनल नहीं बनाने के बारे में पूछे जाने पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि हम हर पहलू पर गौर कर रहे हैं, मगर हमारी पहली प्राथमिकता टनल के अंदर फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की है. सीएम ने कहा कि जीपीआर मैपिंग विश्वसनीय नहीं है, इसे बचाव कार्य में जुटे अधिकारी स्वीकार कर रहे हैं.